भैंसदेही के विद्यार्थियों और ग्रामीणों की कई लंबित समस्याएं मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के सेक्टर शिविर में प्रशासन के सामने पहुंचीं। कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने आवेदनों की समीक्षा करते हुए विभागों को तय समय में कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

मंगल भवन में आयोजित शिविर में पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन, जिला पंचायत सीईओ गणेश जायसवाल और नगर परिषद अध्यक्ष मनीष सोलंकी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। यहां भैंसदेही ब्लॉक के अलग-अलग गांवों से आए आवेदनों और शिकायतों पर चर्चा हुई।

कॉलेज सड़क, लाइब्रेरी और छात्राओं के परिवहन का मुद्दा

गंजन सिंह कोरकू शासकीय महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने कॉलेज तक सड़क, लाइब्रेरी और कंप्यूटर की व्यवस्था मांगी। छात्राओं के लिए भैंसदेही से आमला और रतनपुर तक परिवहन सुविधा का विषय भी रखा गया।

कलेक्टर ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अधिकारियों से कॉलेज सड़क का ले-आउट डालने और तकनीकी स्वीकृति की प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने को कहा। लाइब्रेरी व कंप्यूटर के लिए जनजातीय कार्य विभाग के सहायक आयुक्त को प्रस्ताव भेजने तथा परिवहन संबंधी आवेदन पर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। ये काम अभी निर्देश और प्रस्ताव की प्रक्रिया में हैं।

पेयजल के लिए 10 दिन, नेटवर्क सुधारने को समन्वय

पलासपानी की नल-जल समस्या पर कलेक्टर ने पीएचई के कार्यपालन यंत्री को 10 दिन में समाधान करने के निर्देश दिए। आवेदन लंबित रखने पर जनपद पंचायत भैंसदेही के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी करने को भी कहा गया।

भैंसदेही और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क की शिकायत पर ई-गवर्नेंस प्रबंधन को बीएसएनएल से समन्वय कर व्यवस्था सुधारने के निर्देश मिले। फसल बीमा, बीपीएल कार्ड, भूमि कब्जे और भैंसदेही-परतवाड़ा मार्ग की मरम्मत से जुड़े आवेदनों पर भी संबंधित अधिकारियों से परीक्षण और कार्रवाई के लिए कहा गया।

अतिक्रमण, पुलिया और बुनियादी सुविधाओं पर कार्रवाई

व्यापारियों की शिकायत पर नगर परिषद सीएमओ, जनपद पंचायत सीईओ और एसडीएम को संयुक्त निरीक्षण कर अतिक्रमण चिह्नित करने और हटाने की कार्रवाई के निर्देश दिए गए। खोमई में ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत और जनभागीदारी की राशि से पुलिया बनवाने को कहा गया।

सिवान पाट में बिजली, नाली और सड़क से जुड़े आवेदन पर सहायक यंत्री से मौका निरीक्षण कराकर एस्टीमेट तैयार करने के निर्देश दिए गए। सीमांकन, नामांतरण और बंटवारे के मामलों के त्वरित निराकरण के लिए तहसीलदार और पटवारी को जिम्मेदारी सौंपी गई।