मंडला में जनविश्वास अभियान के तहत शिक्षा, पोषण और स्वास्थ्य से जुड़ी तीन संस्थाओं की व्यवस्थाएं जांची गईं। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी शाश्वत सिंह मीना ने सीनियर आदिवासी कन्या छात्रावास, सिंहवाहिनी वार्ड के आंगनवाड़ी केंद्र और जिला अस्पताल का निरीक्षण किया।
95 छात्राओं से भोजन, पढ़ाई और स्वास्थ्य पर बात
सीनियर आदिवासी कन्या छात्रावास में मीना ने रसोईघर और स्टोर देखकर खाद्य सामग्री के रखरखाव तथा भोजन व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने वहां मौजूद 95 छात्राओं से पढ़ाई, स्वास्थ्य, भोजन, दूसरी सुविधाओं और उनकी जरूरतों के बारे में बातचीत की।
छात्राओं के स्वास्थ्य को देखते हुए नियमित मेडिकल चेकअप कराने को कहा गया। छात्रावास में काउंसलर का नियमित भ्रमण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
आंगनवाड़ी के रिकॉर्ड और पोषण सेवाओं की समीक्षा
सिंहवाहिनी वार्ड के आंगनवाड़ी केंद्र में बच्चों के टीकाकरण की स्थिति और उससे जुड़े अभिलेख देखे गए। गर्भवती महिलाओं को दी जा रही पोषण सेवाओं की जानकारी भी ली गई।
अधिकारियों को बच्चों और गर्भवती महिलाओं से जुड़ी जरूरी जानकारी पोषण ट्रैकर पर नियमित रूप से दर्ज करने के निर्देश मिले। इसका उद्देश्य पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं और सेवाओं का लाभ समय पर पहुंचाना है। केंद्र में बातचीत के दौरान एक बच्चे ने बड़ा होकर पुलिसकर्मी बनने की इच्छा जताई, जिस पर मीना ने उसे मन लगाकर पढ़ने के लिए प्रेरित किया।
अस्पताल में मरीजों से पूछा इलाज और दवाओं का हाल
जिला अस्पताल में ओपीडी और जनरल वार्ड की व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। मीना ने मरीजों और उनके परिजनों से इलाज, दवाइयों तथा अस्पताल में मिल रही सुविधाओं के बारे में जानकारी ली।
अस्पताल में मेडिकल वेस्ट के सुरक्षित और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार निपटान की व्यवस्था भी जांची गई। निरीक्षण के बाद संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को स्वास्थ्य, पोषण तथा छात्रावास सेवाओं की नियमित निगरानी करते हुए व्यवस्थाएं बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए गए।

