वारासिवनी के सांदीपनि विद्यालय के ऑडिटोरियम में 18 सितंबर को आयोजित जिला स्तरीय जन-विश्वास शिविर में ग्रामीणों ने स्थानीय समस्याएं सीधे अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के सामने रखीं। ग्राम वारा की महिलाओं ने सड़क पर रात में रोशनी की व्यवस्था और बिजली के खंभे स्थानांतरित करने की मांग की, जिस पर संबंधित अधिकारियों को शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान बालाघाट जिले में 7 अगस्त से चल रहा है और 8 जनवरी 2027 तक जारी रहेगा। इसका उद्देश्य पात्र लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना, मैदानी क्रियान्वयन की स्थिति जानना और नागरिकों की समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया तेज करना है।
शिविर से पहले योजनाओं और विकास कार्यों का निरीक्षण
जिला और खंड स्तर के अधिकारियों ने शिविर से पहले वारासिवनी क्षेत्र में विभागीय संस्थानों, विकास कार्यों और गतिविधियों का निरीक्षण किया। इसके बाद शिविर में हितग्राहियों ने योजनाओं से मिले लाभ और अपने अनुभव साझा किए, जबकि अधिकारियों ने उपलब्ध योजनाओं की जानकारी दी।
बांस रोपण पर किसानों को मिलेगी प्रोत्साहन राशि
वन मंडलाधिकारी नित्यानंदम एल ने बताया कि खेतों की मेड़ों पर बांस लगाने के इच्छुक किसानों को शासकीय नर्सरी से 18 रुपये प्रति पौधे की दर पर पौधे दिए जाएंगे। पौधा एक वर्ष तक सुरक्षित रहने पर 30 रुपये और दूसरे वर्ष तक सुरक्षित रहने पर 60 रुपये की राशि वन विभाग देगा।
शिविर में डेयरी और आवास योजनाओं के परिणाम भी सामने रखे गए। ग्राम भांडी के सुरेंद्र ठाकरे का कामधेनु योजना का प्रकरण स्वीकृत हुआ है और उन्होंने 11 लाख रुपये की लागत से पशु शेड बनाना शुरू किया है। ग्राम बासी के नीतिन नागेश्वर ने डेयरी प्लस योजना से मुर्रा नस्ल की दो भैंस खरीदने के बाद प्रतिदिन लगभग एक हजार रुपये आय होने की जानकारी दी।
उद्यमियों और स्व-सहायता समूहों ने बताए अनुभव
उद्यम क्रांति, एमएसएमई, विश्वकर्मा और आजीविका मिशन से जुड़े प्रतिभागियों ने दुग्ध व्यवसाय, सेलून, मिनी राइस मिल, एल्युमिनियम और कैटरिंग जैसे कामों की जानकारी साझा की। गर्रा की ज्योति बिसेन, झाड़गांव की शीला बम्बुरे और कोस्ते की कृष्णा चौहान ने योजनाओं के सहयोग से अपने व्यवसाय आगे बढ़ाने के अनुभव बताए।
कलेक्टर कुमार सत्यम ने वारासिवनी क्षेत्र के सीएम हेल्पलाइन प्रकरणों की समीक्षा कर अधिकारियों से शिकायतों का तत्परता से निराकरण करने को कहा। शिविर में बताया गया कि वारासिवनी नगरीय क्षेत्र के शेष आवास हितग्राहियों के लिए आवासीय भूमि का पट्टा नहीं मिलना बाधा है और इस समस्या के समाधान की आवश्यकता है।

