विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा परिवारों की महिला मुखियाओं को पोषण आहार के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश शासन द्वारा संचालित आहार अनुदान योजना का जिले में प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। योजना के अंतर्गत सितम्बर 2026 में जिले की 5938 बैगा महिलाओं को 89 लाख 07 हजार रुपये की राशि आवंटित की गई है।

यह राशि एमपीटास पोर्टल के माध्यम से सीधे हितग्राही महिलाओं के बैंक खातों में जमा कराई गई है।आहार अनुदान योजना के तहत विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा परिवार की महिला मुखिया को पोषण आहार के लिए प्रतिमाह 1500 रुपये की राशि प्रदान की जाती है। नियमित रूप से मिलने वाली यह सहायता बैगा परिवारों की महिलाओं के लिए पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करने में आर्थिक सहयोग प्रदान कर रही है।

बिरसा की 2403 महिलाओं को सर्वाधिक लाभ

सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग श्रीमती शकुंतला डामोर ने बताया कि सितम्बर 2026 की राशि के रूप में जिले के विभिन्न विकासखंडों की बैगा महिलाओं को आहार अनुदान प्रदान किया गया है। इनमें बिरसा विकासखंड की 2403 महिलाओं को 36 लाख 04 हजार 500 रुपये तथा बैहर विकासखंड की 1954 महिलाओं को 29 लाख 31 हजार रुपये की राशि दी गई है।

इसी प्रकार परसवाड़ा विकासखंड की 777 महिलाओं को 11 लाख 65 हजार 500 रुपये, लांजी की 293 महिलाओं को 04 लाख 39 हजार 500 रुपये, बालाघाट की 221 महिलाओं को 03 लाख 31 हजार 500 रुपये, वारासिवनी की 216 महिलाओं को 03 लाख 24 हजार रुपये, किरनापुर की 45 महिलाओं को 67 हजार 500 रुपये तथा लालबर्रा की 29 महिलाओं को 43 हजार 500 रुपये की राशि प्रदान की गई है।

शिविरों में पात्र महिलाओं को योजना से जोड़ने की पहल

बैगा जनजाति बहुल एवं दूरस्थ ग्रामों में आयोजित किए जा रहे जनसमस्या निवारण शिविरों के माध्यम से पात्र बैगा महिलाओं को आहार अनुदान योजना से जोड़ने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है। शिविरों में अधिकारियों द्वारा पात्र महिलाओं की पहचान कर उनके आवश्यक दस्तावेज तैयार कराए जा रहे हैं। दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद पात्र महिलाओं को योजना का लाभ दिलाने की कार्रवाई की जाएगी।

इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बैगा जनजाति बहुल क्षेत्रों में पात्र परिवारों की कोई भी महिला शासन की पोषण सहायता योजना के लाभ से वंचित न रहे। शिविरों के माध्यम से ग्रामीणों को योजनाओं की जानकारी देने के साथ पात्र हितग्राहियों के दस्तावेज तैयार कराने और आवेदन की प्रक्रिया में भी सहायता दी जा रही है।

सीधे बैंक खाते में पहुंच रही राशि

आहार अनुदान की राशि एमपीटास पोर्टल के माध्यम से सीधे हितग्राही महिलाओं के बैंक खातों में अंतरित की जा रही है। इससे योजना का लाभ पारदर्शी तरीके से पात्र महिलाओं तक पहुंच रहा है। बैगा परिवारों की महिला मुखियाओं को हर माह मिलने वाली 1500 रुपये की सहायता राशि पोषण आहार की व्यवस्था में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान कर रही है। जनसमस्या निवारण शिविरों के माध्यम से नए पात्र हितग्राहियों को योजना से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू होने से आने वाले समय में आहार अनुदान योजना का लाभ और अधिक बैगा परिवारों तक पहुंचने की उम्मीद है।