बिरसा विकासखंड के कुंडेकसा, अडोरी, कोरका एवं बांदरी सहित प्रभावित ग्रामीण क्षेत्रों में मौसमी बीमारियों और संक्रमण की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग का व्यापक अभियान लगातार जारी है।
घर-घर सर्वेक्षण, स्वास्थ्य जांच, उपचार, टीकाकरण और फॉगिंग के माध्यम से ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।15 सितंबर तक की रिपोर्ट के अनुसार क्षेत्र में मलेरिया के 468, दस्त के 195, दाने के साथ बुखार के 340 तथा चर्म रोग के 252 मरीज चिन्हित किए गए हैं। इस तरह कुल 1,255 मरीजों की पहचान हुई है।
इनमें 677 मरीजों का घर पर उपचार किया गया, जबकि 578 मरीजों को अस्पताल में भर्ती कर इलाज दिया गया। उपचार के बाद 514 मरीज स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं, जबकि 64 मरीजों का उपचार जारी है।
15 सितंबर को 13 नए मरीजों को अस्पताल में भर्ती किया गया और 22 मरीजों को स्वस्थ होने पर डिस्चार्ज किया गया।प्रभावित क्षेत्रों में बीमारी की पहचान एवं तत्काल उपचार के लिए 20 सर्वेक्षण टीमें घर-घर जाकर स्वास्थ्य परीक्षण कर रही हैं। इसके साथ ही 6 पीएम जनमन एएमएमयू, 18 चिकित्सा अधिकारी एवं 4 एंबुलेंस तैनात की गई हैं।
स्वास्थ्य विभाग की टीमें बच्चों एवं अन्य मरीजों की स्थिति पर लगातार निगरानी रख रही हैं।बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण को लेकर भी विशेष गतिविधियां की जा रही हैं। अब तक 1,065 बच्चों को विटामिन-ए की खुराक, ओआरएस एवं जिंक दिया गया है। 984 बच्चों को आयरन सिरप और 878 बच्चों को अल्बेंडाजोल की गोलियां दी गई हैं।
15 सितंबर को आयोजित 30 टीकाकरण सत्रों में 413 बच्चों का टीकाकरण किया गया, जबकि अब तक 514 सत्रों के माध्यम से कुल 22,021 बच्चों का टीकाकरण किया जा चुका है।मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए कीटनाशक छिड़काव और फॉगिंग भी बड़े स्तर पर की जा रही है। 15 सितंबर को 54 ग्रामों के 5,632 मकानों में कीटनाशक का छिड़काव किया गया, वहीं 44 ग्रामों के 8,610 घरों में इनडोर एवं आउटडोर फॉगिंग कराई गई।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में सर्वेक्षण, जांच, उपचार, टीकाकरण, दवा वितरण और संक्रमण से बचाव की गतिविधियां लगातार जारी हैं।


