झाबुआ के कल्याणपुरा में शुक्रवार को लगे जन समाधान शिविर में नागरिकों के आवेदन सुनने के साथ सीएम हेल्पलाइन की 27 शिकायतों का निराकरण किया गया। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आयोजित शिविर में संबंधित विभागों ने लोगों की समस्याओं पर कार्रवाई शुरू की।

इंदौर संभागायुक्त भास्कर लक्षकार ने कहा कि अधिकारी क्षेत्र में जाकर योजनाओं और व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति देखेंगे। उन्होंने बताया कि निरीक्षण और जनसमस्याओं के समाधान की यह प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।

शुक्रवार को ‘फील्ड डे’, आवेदनों पर विभाग करेंगे कार्रवाई

कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट के अनुसार जिले में शुक्रवार को ‘नो मीटिंग डे’ रखकर अधिकारियों को क्षेत्र में भेजा जा रहा है। शिविर में मिले सभी आवेदनों के निराकरण के लिए संबंधित विभागों के माध्यम से कार्रवाई की जाएगी।

कल्याणपुरा की यातायात व्यवस्था सुधारने और पुलिस थाना भवन के लिए भूमि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया चल रही है। प्रशासन ने जर्जर विद्यालय भवनों पर आवश्यक प्रयास करने, मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता सुधारने और नियमित निरीक्षण पर ध्यान देने की बात भी कही।

पलायन प्रभावित बच्चों और प्राकृतिक खेती पर निर्देश

संभागायुक्त ने कलेक्टर को पलायन करने वाले परिवारों और स्कूल छोड़ चुके बच्चों को शिक्षा से लगातार जोड़े रखने के लिए विशेष कार्ययोजना या प्रोजेक्ट तैयार करने के निर्देश दिए। छात्रावासों में रहने वाले बच्चों से अधिकारियों को नियमित संवाद करने के लिए भी कहा गया, ताकि उनकी जरूरतें समय पर सामने आ सकें।

उन्होंने किसानों को धीरे-धीरे प्राकृतिक कृषि अपनाने और गुणवत्तापूर्ण उत्पादन पर ध्यान देने की सलाह दी। उनका कहना था कि रासायनिक खाद और कीटनाशकों का अत्यधिक उपयोग मानव स्वास्थ्य तथा भूमि की गुणवत्ता को प्रभावित करता है।

समूहों और हितग्राहियों को ऋण दस्तावेज मिले

मुद्रा योजना में पूजा कटारा को किराना दुकान के लिए एक लाख रुपये और सविता मकवाना को पोल निर्माण के लिए दो लाख रुपये के ऋण स्वीकृति पत्र दिए गए। सीसीएल योजना में लक्ष्मी समूह मोरीपाड़ा को 15 लाख रुपये तथा गणेश समूह जुलवानिया और वर्षा समूह गोपालपुरा को 10-10 लाख रुपये के डेमो चेक प्रदान किए गए।

बकरी पालन योजना में जोगड़िया गुंडिया, लीला सिंगाड़िया और विशाल खपेड़ को 77-77 हजार रुपये के ऋण स्वीकृति पत्र मिले। भगवान बिरसा मुंडा योजना के तहत मईली मेड़ा को कपड़ा व्यवसाय के लिए 4.50 लाख रुपये का डेमो चेक दिया गया। शिविर में आए शेष आवेदनों पर संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।