विजयराघवगढ़ संयुक्त तहसील में शुक्रवार को हुए औचक निरीक्षण के दौरान राजस्व प्रकरणों और अभिलेखों के रखरखाव में प्रक्रियात्मक कमियां सामने आईं। कलेक्टर आशीष तिवारी ने एक बंटवारा नस्ती की स्वयं जांच की और जरूरी सुधार अपने सामने पूरे कराए।

मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान-2026 के तहत हुए निरीक्षण में कलेक्टर सीधे नायब तहसीलदार न्यायालय पहुंचे। उन्होंने लंबित मामलों की स्थिति के साथ नागरिकों से जुड़े प्रकरणों और दस्तावेजों के रखरखाव की व्यवस्था देखी।

फर्द-बंटवारा के रिकॉर्ड में मिली कमियां

निरीक्षण में फर्द-बंटवारा और नक्शा प्रदर्शित नहीं मिला। अभिलेख पर नायब तहसीलदार के हस्ताक्षर तथा पद-मुद्रा की सील भी नहीं लगी थी।

इन कमियों पर कलेक्टर ने एसडीएम विजयराघवगढ़ निधि सिंह गोहल को नायब तहसीलदार प्रेमलाल चौधरी और रीडर मोहम्मद यूसुफ सिद्दीकी के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। नोटिस जारी करने का निर्देश दिया गया है; रिलीज में इसके जारी होने की पुष्टि नहीं की गई है।

नस्ती में मौके पर कराए गए सुधार

कलेक्टर ने रीडर की टेबल पर रखी बंटवारा नस्तियों में से एक प्रकरण चुना और उसकी जांच की। कमियां मिलने पर जरूरी प्रविष्टियां पूरी कराई गईं तथा तहसीलदार के हस्ताक्षर और पद-मुद्रा की सील लगवाई गई।

तहसील कार्यालय आए नागरिकों से कलेक्टर ने उनके आने का कारण और समस्या पूछी। संबंधित अधिकारियों को इन मामलों के निराकरण के निर्देश दिए गए।

समय-सीमा में प्रकरण निपटाने पर जोर

राजस्व अधिकारियों को लंबित मामलों का प्राथमिकता और तय समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निराकरण करने के लिए कहा गया। अभिलेखों को व्यवस्थित और सुरक्षित रखने तथा बंटवारा कार्रवाई नियमानुसार पूरी करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि नागरिकों को बार-बार तहसील कार्यालय न आना पड़े।

निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा, जिला पंचायत सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर, वन मंडलाधिकारी गर्वित गंगवार, एसडीएम निधि सिंह गोहल और संबंधित अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।